31 वर्षीय अवनी मेहरा को एक बरसाती रात सड़क किनारे लाल जूतों की एक रहस्यमयी जोड़ी मिलती है। उन्हें पहनते ही वह हर रात किसी दूसरी महिला की जिंदगी में जागने लगती है—कभी पत्नी, कभी माँ, कभी अकेली वृद्धा, तो कभी वर्षों पहले लापता हुई युवती के रूप में। लेकिन हर नई जिंदगी के साथ अवनी की अपनी memories कमजोर होने लगती हैं। जब उसका नाम, रिश्ते और चेहरा तक उसके लिए अजनबी होने लगते हैं, तब उसे समझ आता है कि लाल जूते सिर्फ दूसरी जिंदगियाँ दिखा नहीं रहे—वे उसकी अपनी पहचान किसी अधूरी जिंदगी से बदल रहे हैं।
All Chapters
- अध्याय 1 – सड़क किनारे लाल जूते
- अध्याय 2 – किसी और का आईना
- अध्याय 3 – हर रात एक नया नाम
- अध्याय 4 – स्मिता कहाँ गई?
- अध्याय 5 – मेरी याद किसकी है?
- अध्याय 6 – नंदिनी बच गई थी
- अध्याय 7 – तस्वीर में दूसरी औरत
- अध्याय 8 – जूतों की पहली मालकिन
- अध्याय 9 – राघव ने मुझे किस नाम से बुलाया?
- अध्याय 10 – मैं अवनी हूँ
- अध्याय 11 – एक जिंदगी के बदले दूसरी
- अध्याय 12 – आखिरी रात
