शहर के एक पुराने अपार्टमेंट की सातवीं मंज़िल पर एक रहस्यमयी नीली खिड़की हर रात किसी दूसरी दुनिया का नज़ारा दिखाती है। शुरुआत में किरायेदार इसे अजीब optical phenomenon समझते हैं, लेकिन जल्द ही जो भी देर तक उस खिड़की को देखता है, वह उसी दुनिया में खिंच जाता है। कुछ लोग कभी वापस नहीं आते, जबकि लौटने वाले अपने साथ ऐसी यादें, आदतें और छायाएँ लाते हैं जो उनकी नहीं होतीं। जब तीस वर्षीय आदित्य को पता चलता है कि खिड़की के दूसरी तरफ उसकी अपनी ज़िंदगी का एक अलग संस्करण मौजूद है, तो उसे समझ आता है कि ये दुनियाएँ बेतरतीब नहीं—बल्कि उसके अपार्टमेंट और वहाँ रहने वाले लोगों से गहरे जुड़ी हुई हैं।
All Chapters
- अध्याय 1 – नीली खिड़की
- अध्याय 2 – दूसरी तरफ कौन है?
- अध्याय 3 – रोहित गायब हो गया
- अध्याय 4 – जो वापस आया
- अध्याय 5 – हर दुनिया में वही इमारत
- अध्याय 6 – तारा
- अध्याय 7 – माया का भाई
- अध्याय 8 – असली कौन लौटा था?
- अध्याय 9 – मेरा दूसरा घर
- अध्याय 10 – खिड़की का नियम
- अध्याय 11 – तारा किस दुनिया की है?
- अध्याय 12 – दूसरी तरफ
