पिता की मृत्यु के बाद ancestral property बेचने आए आरव को पता चलता है कि जिस पुराने घर को उसका परिवार पच्चीस साल पहले छोड़ चुका था, वहाँ आज भी हर रात वही lights, footsteps और घरेलू आवाज़ें सुनाई देती हैं। पहली रात वह घर के अंदर अपनी मृत छोटी बहन रूही की आवाज़ सुनता है, जबकि family records के अनुसार रूही infancy में ही मर चुकी थी। अगले दिन उसे एक पुरानी photograph मिलती है जिसमें छह वर्षीय रूही उसके साथ खड़ी है। जैसे-जैसे आरव अपने परिवार की आखिरी रात, locked rooms और घर में दोहराती routines की जाँच करता है, उसे समझ आता है कि यह घर सिर्फ ghosts से भरा नहीं—बल्कि किसी ऐसी अधूरी रात को बार-बार जी रहा है जिसे उसके परिवार ने जानबूझकर उसकी यादों से मिटा दिया।
All Chapters
- अध्याय 1 – रात 12:40 की आवाज़
- अध्याय 2 – जो बच्ची मर चुकी थी
- अध्याय 3 – घर की दिनचर्या
- अध्याय 4 – ऊपर वाला कमरा
- अध्याय 5 – मम्मी ने झूठ क्यों बोला?
- अध्याय 6 – घर याद रखता है
- अध्याय 7 – basement खोलना
- अध्याय 8 – उस रात रूही कहाँ गई थी?
- अध्याय 9 – हमने उसे मरने से पहले मार दिया
- अध्याय 10 – आखिरी रात
- अध्याय 11 – वो घर खाली क्यों नहीं हुआ?
- अध्याय 12 – घर को खाली करना
