दिल्ली…
मुंबई…
जयपुर…
देहरादून…
चार शहर…
चार अलग नाम…
चार अलग ज़िंदगियाँ…
लेकिन…
चेहरा…
एक ही था।
दिल्ली में…
वह आदित्य मल्होत्रा था।
मुंबई में…
विवान अरोड़ा।
जयपुर में…
अर्जुन राठौड़।
और…
देहरादून में…
समर्थ कपूर।
हर जगह…
अलग पहचान…
अलग दोस्त…
अलग परिवार…
और…
अलग कहानी।
किसी को…
उसकी दूसरी ज़िंदगी का…
ज़रा भी अंदाज़ा नहीं था।
लेकिन…
एक सड़क दुर्घटना…
उसकी जेब से मिले…
चार अलग-अलग पहचान पत्र…
और…
एक पुरानी डायरी…
ऐसा तूफ़ान लेकर आए…
जिसने…
सिर्फ़ उसकी नहीं…
बल्कि…
चार परिवारों की ज़िंदगी बदल दी।
All Chapters
- अध्याय 1 — चार पहचान पत्र
- अध्याय 2 — दिल्ली वाला आदमी
- अध्याय 3 — मुंबई की ज़िंदगी
- अध्याय 4 — जयपुर का सच
- अध्याय 5 — देहरादून का राज़
- अध्याय 6 — अधूरी डायरी
- अध्याय 7 — झूठ की दुनिया
- अध्याय 8 — असली चेहरा
- अध्याय 9 — वर्षों पुरानी साज़िश
- अध्याय 10 — पहचान का मुकदमा
- अध्याय 11 — एक ही इंसान
- अध्याय 12 — कई ज़िंदगियों का अंत
