31 वर्षीय साउंड डिज़ाइनर विराज कपूर अपनी प्रेमिका काव्या मेहरा की अचानक हुई मृत्यु के आठ महीने बाद भी शोक से बाहर नहीं निकल पाया है। एक रात उसके बंद हो चुके नंबर से संदेश आता है—“तुम अब भी मुझे सुन सकते हो?” शुरुआत में वह इसे हैकिंग या क्रूर मज़ाक मानता है, लेकिन संदेशों में ऐसी निजी बातें होती हैं जिन्हें केवल काव्या जानती थी। फिर सपनों में एक काली नदी के उस पार वही लड़की दिखाई देती है और हर बार कहती है—“बस एक बार यहाँ तक आ जाओ।” जैसे-जैसे विराज उस सीमा के करीब जाता है, उसकी अपनी जिंदगी कमजोर पड़ने लगती है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है—जो उसे वापस बुला रहा है, वह प्रेम है या मौत खुद।
All Chapters
- अध्याय 1 – मरे हुए नंबर से संदेश
- अध्याय 2 – पानी के पीछे की आवाज़
- अध्याय 3 – वही सपना
- अध्याय 4 – उस रात क्या हुआ था?
- अध्याय 5 – थोड़ा और करीब
- अध्याय 6 – मेरे पीछे मत आना
- अध्याय 7 – कौन बोल रहा है?
- अध्याय 8 – जिनकी आवाज़ें लौट आईं
- अध्याय 9 – नदी के उस पार
- अध्याय 10 – मौत आवाज़ें याद रखती है
- अध्याय 11 – असली काव्या
- अध्याय 12 – मौत के उस पार तुम
