कुछ मुलाकातें इतनी गहरी होती हैं कि वे पूरे जीवन को एक पल में समेट लेती हैं। वर्षों बाद, जब वह उस पुरानी कॉफी शॉप के सामने खड़ी थी, तो समय जैसे रुक सा गया। बारिश की बूंदों के साथ पुरानी यादें भी भीग रही थीं—उसकी मुस्कान, उसके हाथों की गरमाहट, और वे अधूरी बातें जो कभी पूरी नहीं हो सकीं।
आरव और प्रिया। एक नाम जो कभी एक-दूसरे के बिना अधूरा लगता था। कॉलेज के दिनों में उनकी मोहब्बत आसमान छूती थी, लेकिन परिवार, समाज और कुछ अनकहे फैसलों ने उन्हें अलग कर दिया। बीस साल बीत गए। आरव अब एक सफल व्यवसायी है, जिसके दिल में अभी भी एक खालीपन है। प्रिया एक लेखिका बन चुकी है, जिसकी हर कहानी में छिपा होता है एक अधूरा प्रेम।
आज वह आखिरी मुलाकात तय हुई थी। सिर्फ एक घंटा। सिर्फ कुछ बातें। लेकिन क्या एक घंटे में बीस साल की दूरी, पछतावे और अनकहे इशारों को समेटा जा सकता है? क्या पुरानी यादें सिर्फ यादें रह जाती हैं, या वे फिर से जिंदा हो सकती हैं?
जब दोनों आमने-सामने बैठे, तो लगा जैसे हवा में भी पुरानी खुशबू घुल गई हो। लेकिन इस मुलाकात में सिर्फ दो लोग नहीं थे—साथ में थीं कई अधूरी कहानियां, टूटे वादे और जीवन के वे मोड़ जो कभी वापस नहीं लौटे।
क्या यह आखिरी मुलाकात वाकई अंत होगी, या यह एक नए शुरूआत का छिपा हुआ द्वार साबित होगी?
All Chapters
- 1. पुरानी छांव में खड़ी मुलाकात
- 2. अनकहे शब्दों का पत्र
- 3. घर की दीवारों में छिपी सुगंध
- 4. तीन दिलों का मौन संवाद
- 5. परिवार की उलझती डोर
- 6. बारिश और बिखरे वादे
- 7. टूटती चुप्पी और फैसलों की रात
- 8. नई पीढ़ी की अनकही आवाज
- 9. दो परिवारों का टकराव
- 10. दिल की चुप्पी और टूटते सपने
- 11. अंतिम निर्णय की पीड़ा
- 12. अधूरी बारिश का अंतिम मोड़
