आख़िरी दावत
उदयपुर के पास… राजमहल हवेली… जहाँ… राठौड़ परिवार… तीन पीढ़ियों बाद… एक पारिवारिक दावत के लिए इकट्ठा हुआ था। दावत […]
उदयपुर के पास… राजमहल हवेली… जहाँ… राठौड़ परिवार… तीन पीढ़ियों बाद… एक पारिवारिक दावत के लिए इकट्ठा हुआ था। दावत […]
शिमला की पहाड़ियों में स्थित ब्लैकवुड हवेली… जहाँ कभी देश के प्रसिद्ध पियानो वादक आर्यवीर मल्होत्रा रहते थे। तीस वर्ष
हिमाचल प्रदेश के देवगढ़ गाँव में स्थित सरस्वती रेजिडेंशियल स्कूल एक समय पूरे राज्य का सबसे प्रतिष्ठित विद्यालय था। लेकिन
उज्जैन के पास देवलखेड़ा नाम का एक छोटा गाँव… जहाँ राठौर परिवार की विशाल हवेली आज भी मौन खड़ी थी।
उदयपुर के बाहरी इलाके में स्थित…एक आलीशान लेकिन वर्षों से बंद पड़ा चंद्रमहल बंगला…अचानक फिर चर्चा में आ गया।पिछले दो
राजस्थान के छोटे से गाँव कुंडेश्वर में स्थित…राठौड़ हवेली…पिछले तीस वर्षों से वीरान पड़ी थी।कहा जाता था…कि हवेली के मालिक
भोपाल के सेंट माइकल कब्रिस्तान में…पिछले छह महीनों से…हर शुक्रवार रात…एक जैसी घटना हो रही थी।रात में…दस्तक की आवाज़…सुबह…एक नया
इंदौर के पास बड़गाँव नाम का एक कस्बा, जहाँ “लक्ष्मी निवास” हवेली अपने मशहूर पारंपरिक व्यंजनों के लिए जानी जाती
जयपुर के बाहरी इलाके में स्थित राजविलास हवेली वर्षों से बंद पड़ी थी। लोग कहते थे उसकी सबसे पिछली दीवार
भोपाल…बारिश की एक शाम…प्लेटफ़ॉर्म नंबर 3…एक भूरे रंग की…पुरानी चमड़े की डायरी…जिसका कोई मालिक नहीं था। डायरी…एक अनजान लड़की…अन्वी राजपूत