व्हाट्सऐप वाली दोस्ती (M)
कभी-कभी जिंदगी की सबसे अनोखी कहानियां उन छोटे-छोटे संदेशों से शुरू होती हैं, जो एक पुराने नंबर पर अचानक चमक […]
कभी-कभी जिंदगी की सबसे अनोखी कहानियां उन छोटे-छोटे संदेशों से शुरू होती हैं, जो एक पुराने नंबर पर अचानक चमक […]
शाम की धुंधली रोशनी में, जब शहर की हलचल थम सी जाती है और हवा में ठंडक का स्पर्श फैलता
नंदिता की उम्र 40 साल हो चुकी थी। शादी के 18 साल, दो बच्चे, एक स्थिर लेकिन रूटीन जीवन। कभी
पुणे की मानसून रातें हमेशा से रहस्यमयी रही हैं। कोथरुड के उस पुराने, आइवरी-क्लाइंब्ड बंगले में बारिश की बूंदें छत
सन् 1520 के आसपास, एक काल्पनिक साम्राज्य ‘अग्निपुर’ में, जहां अग्नि की ज्वालाएं राजवंश की शक्ति का प्रतीक थीं, एक
सारिका 34 साल की थी। दिल्ली के एक मध्यमवर्गीय मोहल्ले में बने छोटे-से फ्लैट में रहती थी, जहां हर सुबह
यह कहानी है उन भारतीय बहुओं की, जो ससुराल में कदम रखते ही प्यार, विश्वास और छिपे हुए राज़ों के
कमला देवी, 58 साल की एक साधारण गृहिणी, दिल्ली के एक मध्यमवर्गीय मोहल्ले में रहती थीं। तीन बच्चे – बड़ी