पुरानी दिल्ली के चाँद चौक की भीड़भाड़ वाली गली में “भारत चाय कॉर्नर” नाम की छोटी सी दुकान थी।
दुकान का मालिक कबीर चौहान सबकी नज़र में एक साधारण चायवाला था।
लेकिन…
रात होते ही वही आदमी देश के सबसे खतरनाक अंडरकवर मिशनों पर निकल जाता।
उसकी चाय की दुकान…
असल में…
गुप्त एजेंसी “सुरक्षा प्रकोष्ठ” का एक सीक्रेट ड्रॉप पॉइंट थी।
चाय के कप… शक्कर की मात्रा… कुल्हड़ का रंग… और… बिस्कुट रखने का तरीका…
सब कोडेड संदेश थे।
एक दिन एक अनजान ग्राहक सिर्फ़ इतना कहता है— “आज चाय में इलायची कम है…”
यह सुनते ही…
कबीर समझ जाता है…
देश पर अब तक का सबसे बड़ा हमला होने वाला है।
