अपनी माँ की मृत्यु के बाद 32 वर्षीय forensic audio expert कबीर सहगल अपने पुश्तैनी पहाड़ी घर लौटता है। घर सत्रह वर्षों से बंद पड़ा है, क्योंकि वहीं उसकी बड़ी बहन नैना की कथित हत्या हुई थी। Police case कभी solve नहीं हुआ। घर साफ करते समय कबीर को एक पुराना digital voice recorder मिलता है, जिसमें घटना वाली रात की 43 मिनट की recording है। आखिरी हिस्से में रात 1:36 पर एक लड़की की भयावह चीख़ सुनाई देती है—वही चीख़ जिसे परिवार ने वर्षों तक नैना की अंतिम आवाज़ माना। लेकिन जब कबीर recording का forensic analysis करता है, उसे पता चलता है कि scream की acoustic profile नैना की पुरानी recordings से match नहीं करती। और scream के ठीक बाद, background में बहुत धीमी आवाज़ सुनाई देती है—नैना की आवाज़—“कबीर… भागो।”
All Chapters
- अध्याय 1 – रात 1:36 की चीख़
- अध्याय 2 – यह नैना की आवाज़ नहीं है
- अध्याय 3 – चीख़ के बाद वह जिंदा थी
- अध्याय 4 – उस रात घर में कौन था?
- अध्याय 5 – रिया कहाँ गई?
- अध्याय 6 – Recording झूठ नहीं बोलती
- अध्याय 7 – लेकिन समय झूठ बोल सकता है
- अध्याय 8 – कबीर, भागो
- अध्याय 9 – मुझे उस रात गलत याद है
- अध्याय 10 – नैना की हत्या उस घर में नहीं हुई थी
- अध्याय 11 – अंतिम चीख़ किसकी थी?
- अध्याय 12 – अंतिम चीख़
