शहर के दो सबसे प्रतिष्ठित परिवार…
चौहान और सिसोदिया…
पिछले पच्चीस वर्षों से…
एक-दूसरे का चेहरा तक देखना पसंद नहीं करते थे।
किसी को नहीं पता…
दुश्मनी की असली वजह क्या थी।
लोगों ने सिर्फ़ कहानियाँ सुनी थीं…
सच…
कभी किसी ने नहीं जाना।
इसी शहर में…
अद्विक चौहान…
अपने परिवार के बिज़नेस को संभालने की तैयारी कर रहा था।
और…
कियारा सिसोदिया…
अपनी पढ़ाई पूरी करके…
सामाजिक सेवा के क्षेत्र में काम करना चाहती थी।
दोनों की मुलाकात…
एक सड़क हादसे के बाद हुई।
पहले…
दोस्ती हुई।
फिर…
बिना चाहे…
मोहब्बत।
लेकिन…
जिस दिन दोनों परिवारों को…
उनके रिश्ते का पता चला…
उसी दिन…
एक पुरानी तिजोरी खुली।
उसमें मिले…
कुछ खत…
एक अधूरी वसीयत…
और…
पच्चीस साल पुरानी एक तस्वीर…
जिसने साबित कर दिया…
कि दोनों परिवार…
सिर्फ़ दुश्मन नहीं थे।
उनके बीच…
एक ऐसा रिश्ता था…
जिसे किसी ने…
जानबूझकर मिटा दिया था।
अब सवाल था…
क्या उनका प्यार…
दो परिवारों को जोड़ पाएगा…
या…
छिपा हुआ सच…
दोनों घरों को हमेशा के लिए तोड़ देगा?
All Chapters
- अध्याय 1 – पहली मुलाकात
- अध्याय 2 – दुश्मनों की दोस्ती
- अध्याय 3 – अनकहा एहसास
- अध्याय 4 – रिश्तों की दीवार
- अध्याय 5 – पुरानी तिजोरी
- अध्याय 6 – अधूरी वसीयत
- अध्याय 7 – छिपा हुआ रिश्ता
- अध्याय 8 – टूटते विश्वास
- अध्याय 9 – परिवार का सबसे बड़ा झूठ
- अध्याय 10 – सच का सामना
- अध्याय 11 – मना किया हुआ प्यार
- अध्याय 12 – नई विरासत
