अंतिम चीख़
अपनी माँ की मृत्यु के बाद 32 वर्षीय forensic audio expert कबीर सहगल अपने पुश्तैनी पहाड़ी घर लौटता है। घर […]
अपनी माँ की मृत्यु के बाद 32 वर्षीय forensic audio expert कबीर सहगल अपने पुश्तैनी पहाड़ी घर लौटता है। घर […]
दादी सावित्री देवी की मृत्यु के बाद 32 वर्षीय खोजी पत्रकार अनिरुद्ध अवस्थी पंद्रह साल बाद अपने पुश्तैनी घर लौटता
अपनी माँ की मृत्यु के बाद 31 वर्षीय wildlife sound-recordist ईशान रावत उत्तराखंड के पहाड़ों में बसे अपने पुश्तैनी गाँव
अपनी माँ की मृत्यु के बाद 30 वर्षीय music producer और sound-restoration specialist आर्यन मल्होत्रा अपने पुश्तैनी घर लौटता है।
पिता की मृत्यु के बाद तैंतीस वर्षीय कबीर त्रिपाठी पंद्रह साल बाद अपने पुश्तैनी गाँव देवगढ़ लौटता है। पितृपक्ष की
एक संदिग्ध मौत की forensic photography करते समय कबीर ऐसी काली दीवार की तस्वीर लेता है जो camera में एक
पिता की मृत्यु के बाद ancestral property बेचने आए आरव को पता चलता है कि जिस पुराने घर को उसका
अपने अब्बू राशिद अंसारी की मृत्यु के बाद बत्तीस वर्षीय आरिज़ अंसारी अपनी अम्मी नुसरत और छोटी बहन सना के
अपनी माँ की मृत्यु के बाद 32 वर्षीय architectural photographer आरव शर्मा अपनी पत्नी नंदिनी के साथ भोपाल के बाहर
अपनी माँ की मृत्यु के बाद 31 वर्षीय children’s-book illustrator अनिरुद्ध अवस्थी अपनी पत्नी नैना और सात वर्षीय बेटी तारा