मृतकों की दास्तान
काल्पनिक पहाड़ी कस्बे निशानगढ़ से बाहर स्थित है— रायकोठी हवेली। लगभग 190 वर्ष पुरानी। कभी यह स्थानीय राजपरिवार का सांस्कृतिक […]
काल्पनिक पहाड़ी कस्बे निशानगढ़ से बाहर स्थित है— रायकोठी हवेली। लगभग 190 वर्ष पुरानी। कभी यह स्थानीय राजपरिवार का सांस्कृतिक […]
काल्पनिक महानगर अर्णवगढ़ में रहने वाला अद्वैत सेन 36 वर्षीय architectural photographer है। उसका पूरा काम रोशनी और छाया पर
राजस्थान के काल्पनिक नगर मृगगढ़ में स्थित चंद्रकोट हवेली अपनी बंद खिड़कियों, लंबे गलियारों और सफेद परदों के लिए प्रसिद्ध
काल्पनिक राजस्थान-मध्यप्रदेश सीमा क्षेत्र में स्थित छोटा कस्बा कालसिंहपुर कभी एक समृद्ध रियासत हुआ करता था। शहर से पाँच किलोमीटर
काल्पनिक शहर कालेश्वर कभी अपने विशाल railway junction के लिए प्रसिद्ध था। शहर का पुराना स्टेशन 1924 में बनाया गया
काल्पनिक महानगर रंगपुरा में रहने वाला 39 वर्षीय चित्रकार अर्णिक वर्मा देश के सबसे महँगे contemporary artists में गिना जाता
काल्पनिक शहर अद्रिका में रहने वाला आर्यव मेहरा एक restoration architect है। पुरानी हवेलियों और ऐतिहासिक वस्तुओं का विशेषज्ञ। नीलामी
कोलकाता की पुरानी गलियों में एक टैक्सी की कहानी पीढ़ियों से सुनाई जाती थी। लोग कहते थे— “अगर आधी रात
उज्जैन का ब्रिटिश काल में बना पुराना जिला न्यायालय आज भी शहर के बीचों-बीच खड़ा था। लेकिन कोर्टरूम नंबर 9
राजस्थान की… एक वीरान हवेली… चंद्रकोट महल… जहाँ… सौ वर्षों से… कोई स्थायी रूप से नहीं रहा। कहा जाता था…