Suspense

सात ताले, एक लाश

सात ताले, एक लाश

राजगढ़ हवेली…करीब सौ साल पुरानी…और…अपने सात लोहे के दरवाज़ों के लिए मशहूर।हर दरवाज़े पर…एक अलग ताला।हर चाबी…एक अलग सदस्य के […]

होटल रूम 309

होटल रूम 309

शहर का…सबसे पुराना…और सबसे आलीशान होटल।होटल ग्रैंड क्राउन। लेकिन…उसकी तीसरी मंज़िल पर…एक कमरा था…रूम 309। बीस सालों से…उस कमरे के

आधी रात की दुल्हन

आधी रात की दुल्हन

शहर से करीब पचास किलोमीटर दूर एक पुरानी सड़क थी।लोग कहते थे रात के बारह बजे वहाँ लाल जोड़े में

जिसने मुझे तोड़ा... मैंने उसकी दुनिया तोड़ दी

जिसने मुझे तोड़ा… मैंने उसकी दुनिया तोड़ दी

दस साल पहले…रुद्रांश देव…सब कुछ खो चुका था।उसका परिवार…उसका करियर…उसकी पहचान…सब कुछ…एक ऐसी साज़िश में…खत्म कर दिया गया…जिसका कोई सबूत…कभी

एक किताब... हज़ार सवाल

एक किताब… हज़ार सवाल

पुरानी शहर लाइब्रेरी…जहाँ वर्षों से…कोई नई किताब नहीं आई थी।एक दिन…इतिहास शोधकर्ता शौर्य वर्मा को…धूल से ढकी…बिना नाम वाली…एक पुरानी

अधूरी चिट्ठी

अधूरी चिट्ठी

पुरानी हवेली…जिसे वर्षों बाद…बेचा जा रहा था।सफाई के दौरान…एक लकड़ी की अलमारी के पीछे…एक पीला पड़ा लिफाफा मिला।उस पर लिखा

खामोशी की साज़िश

खामोशी की साज़िश

दस साल पहले…एक छोटे शहर में…एक ही रात में…चार लोगों की रहस्यमयी मौत हो गई।पुलिस ने…इसे हादसा मानकर…फाइल बंद कर

रहस्यमयी किताब

रहस्यमयी किताब

पुराने शहर की…एक भूली हुई लाइब्रेरी…जहाँ वर्षों से…कोई नहीं गया था।धूल से ढकी…टूटी हुई अलमारियों के बीच…नक्ष अरोड़ा को…एक काली

वक्त की करवट

वक्त की करवट

अर्जुन सिंघल…शहर का सबसे सफल उद्योगपति।पैसा…नाम…शोहरत…सब कुछ उसके पास था।रिश्तेदार…दोस्त…और समाज…हर कोई उसके आसपास मंडराता था। लेकिन…एक रात…उसकी कंपनी पर

अनजान लड़की का राज़

अनजान लड़की का राज़

एक बारिश भरी शाम…रेलवे स्टेशन के प्लेटफ़ॉर्म नंबर पाँच पर…विहान अरोड़ा की नज़र…एक लड़की पर पड़ी।वह अकेली थी…भीगी हुई…डरी हुई…और

Scroll to Top