रेलवे स्टेशन का राज़

रेलवे स्टेशन का राज़
Text size
👁 15,433 views

शहर के बाहर…
बरसों पुराना शिवनगर रेलवे स्टेशन…
दिन में बिल्कुल सामान्य दिखाई देता था।

लेकिन…
रात के ठीक 2:17 बजे…
कुछ ऐसा होता था…
जिसका जवाब किसी के पास नहीं था।

स्टेशन पर एक ट्रेन आती थी…
घोषणा होती थी…
सीटी बजती थी…
सिग्नल बदलते थे…
टिकट खिड़की खुलती थी…
यहाँ तक कि कुछ लोगों के टिकट भी कटते थे।

लेकिन…
जब ट्रेन रुकती…
तो उसके हर डिब्बे में सिर्फ़ सन्नाटा होता।
न कोई यात्री…
न कोई गार्ड…
न कोई आवाज़।
सुबह होते ही…
ट्रेन का कोई रिकॉर्ड नहीं मिलता।
सीसीटीवी फुटेज अधूरी होती।
डिजिटल लॉग में भी उस ट्रेन का नाम गायब रहता।
जब युवा पत्रकार निखिल अवस्थी इस रहस्य की जांच शुरू करता है…
तो उसे एक ऐसी फाइल मिलती है…
जो तीस साल पहले हुई एक रहस्यमयी रेल दुर्घटना से जुड़ी थी।
लेकिन…
जितना वह सच के करीब पहुँचता…
उतनी ही उसकी जान खतरे में पड़ने लगती है।

अब सवाल था—
क्या यह सचमुच भूतिया ट्रेन थी…
या किसी बेहद खतरनाक अपराध का ऐसा खेल…
जो वर्षों से रात के अंधेरे में खेला जा रहा था?

All Chapters

Leave a Reply

Scroll to Top