कभी-कभी जहाँ लोग जिंदगी बचाने जाते हैं…
वहीं कुछ दीवारों के पीछे सबसे गहरे राज़ छुपे होते हैं।
भोपाल के मशहूर संजीवनी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल को लोग भगवान का दूसरा घर मानते थे।
लेकिन युवा डॉक्टर अनिका राठौड़ को वहाँ अपनी पहली नौकरी के कुछ दिनों बाद ही कुछ अजीब बातें महसूस होने लगती हैं।
कुछ मरीज अचानक गायब हो जाते हैं।
कुछ रिपोर्ट बदल जाती हैं।
और कुछ फाइलें हमेशा के लिए बंद कर दी जाती हैं।
सब कहते हैं —
“ज्यादा सवाल मत पूछो।”
लेकिन अनिका चुप रहने वालों में से नहीं थी।
उसकी मुलाकात होती है ईमानदार पत्रकार कबीर चौहान से, जो पहले से ही इस अस्पताल के पीछे छुपे सच की तलाश कर रहा था।
दोनों धीरे-धीरे एक ऐसी साजिश तक पहुँचते हैं जहाँ पैसा, ताकत और झूठ ने इंसानियत को दबा दिया था।
लेकिन सबसे बड़ा झटका तब लगता है जब इस पूरे खेल से जुड़ा नाम उसी इंसान का निकलता है जिस पर अनिका सबसे ज्यादा भरोसा करती थी।
अब सवाल था—
क्या सफेद कोट के पीछे छुपा काला सच दुनिया के सामने आएगा?
या सच जानने वाले हमेशा के लिए खामोश कर दिए जाएँगे?
All Chapters
- अध्याय 1: संजीवनी हॉस्पिटल में पहला दिन
- अध्याय 2: गायब मरीजों की पहेली
- अध्याय 3: फाइलें जो कभी नहीं खुलतीं
- अध्याय 4: “ज्यादा सवाल मत पूछो”
- अध्याय 5: कबीर की तलाश
- अध्याय 6: सम्मानित नाम के पीछे
- अध्याय 7: पैसे और सत्ता का गठजोड़
- अध्याय 8: सबसे करीबी का काला सच
- अध्याय 9: मौत की साजिश
- अध्याय 10: सफेद कोट का खुलासा
