शहर के सबसे प्रतिष्ठित उद्योगपति…
राजवीर मल्होत्रा की बेटी…
आन्या की शादी पूरे शहर की सबसे चर्चित शादी बनने वाली थी।
हज़ारों निमंत्रण-पत्र छपे।
पहला कार्ड…
परिवार के सबसे करीबी रिश्तेदार को भेजा गया।
दो दिन बाद…
उसकी लाश मिली।
सबने कहा—
दिल का दौरा।
दूसरा कार्ड…
पुराने दोस्त को गया।
वह सड़क दुर्घटना में मारा गया।
तीसरा…
एक बिज़नेस पार्टनर…
उसने शादी में आने की पुष्टि की…
लेकिन अगले दिन होटल के कमरे में मृत मिला।
अब…
हर मौत से पहले…
एक ही चीज़ समान थी—
शादी का कार्ड।
एसीपी आदित्य राणा ने जब चौथी लाश के पास वही निमंत्रण-पत्र देखा…
तो उसने धीमे से कहा—
“यह कार्ड निमंत्रण नहीं… मौत की सूची है।”
