आगे बढ़ने से पहले:
इस कहानी में ऐसे विषय और भाषा-शैली हो सकती है जो हर पाठक के लिए सहज न हो।
कृपया अपनी समझ और विवेक से आगे बढ़ें।
ये कहानी है एक ऐसी औरत की, जो अपने प्यार को इतना गहराई से जीती है कि उसकी हर साँस में बस वही बसता है। आयशा – एक ऐसी पत्नी, जिसके लिए रोहन नहीं सिर्फ़ उसका पति है, बल्कि उसकी दुनिया, उसका सुकून, उसका नशा। लेकिन प्यार की सबसे खूबसूरत चीज़ में भी कभी-कभी एक छोटी सी दरार पड़ जाती है… और वही दरार धीरे-धीरे इतनी चौड़ी हो जाती है कि उसमें पूरा शक समा जाता है।
ये कहानी है उस शक की दहलीज़ पर खड़े होने की, जहाँ हर कदम आगे बढ़ने से पहले दिल पूछता है – क्या सच में सब कुछ वैसा ही है, जैसा दिख रहा है? या फिर जिसे मैंने अपना सब कुछ समझा, वो कहीं और का हो चुका है?
रोमांस होगा, जुनून होगा, वो गर्म पल होंगे जो आपको साँस रोकने पर मजबूर कर देंगे… और दर्द भी होगा, वो दर्द जो सीने में चाकू की तरह चुभता है। बीच में आएगा एक ऐसा ट्विस्ट, जो आपको हिला देगा।
