माँ के गुज़रे…
बारह साल हो चुके थे।
घर की दीवार पर…
उनकी मुस्कुराती हुई…
एक बड़ी तस्वीर टंगी थी।
हर त्योहार…
हर खुशी…
हर दुख…
उसी तस्वीर के सामने…
शुरू होता था।
लेकिन…
किसी ने कभी…
उसे ध्यान से नहीं देखा।
एक दिन…
हवेली की मरम्मत के दौरान…
वह तस्वीर…
दीवार से उतारी गई।
पीछे…
एक पुराना कागज़…
और…
तस्वीर के कोने में…
पेंसिल से बना…
एक छोटा-सा निशान मिला।
वह निशान…
सिर्फ़ एक निशान नहीं था।
वह…
एक ऐसा संकेत था…
जो…
पूरे परिवार की विरासत…
और…
माँ के सबसे बड़े राज़ तक…
ले जाने वाला था।
All Chapters
- अध्याय 1 — आख़िरी तस्वीर
- अध्याय 2 — तस्वीर का निशान
- अध्याय 3 — छिपा हुआ संदेश
- अध्याय 4 — बंद संदूक
- अध्याय 5 — माँ की डायरी
- अध्याय 6 — विरासत का पहला सुराग
- अध्याय 7 — छिपी हुई पहचान
- अध्याय 8 — परिवार का सबसे बड़ा झूठ
- अध्याय 9 — असली उत्तराधिकारी
- अध्याय 10 — माँ का अंतिम पत्र
- अध्याय 11 — तस्वीर का सच
- अध्याय 12 — विरासत से बड़ा प्यार
