पिता की मृत्यु के बाद 34 वर्षीय forensic photographer ईशान मेहरा पत्नी अवनि के साथ अपना पुश्तैनी घर बेचने लौटता है। घर की पहली मंज़िल पर कमरा नंबर 6 पिछले 23 वर्षों से पूरी तरह खाली रखा गया है। परिवार का नियम है कि सूर्यास्त के बाद उसमें कोई वस्तु न छोड़ी जाए। ईशान इसे अंधविश्वास समझता है और गलती से अपना camera कमरे में छोड़ देता है। अगली सुबह camera में रात 3:06 बजे की एक ऐसी photograph मिलती है जिसे उस camera से लिया ही नहीं जा सकता था—क्योंकि photograph में camera खुद floor पर दिखाई दे रहा है। उससे भी अधिक भयावह बात यह है कि खाली कमरे में photograph के अंदर एक bed, पुरानी अलमारी और उस bed पर बैठी एक महिला दिखाई देती है। दीवार पर लिखा है—“कमरा खाली नहीं था।”
All Chapters
- अध्याय 1 – वो खाली कमरा
- अध्याय 2 – ये तस्वीर किसने ली?
- अध्याय 3 – कमरा हमेशा खाली नहीं था
- अध्याय 4 – M.M. कौन थी?
- अध्याय 5 – दीवारों पर पुराने सामान के निशान
- अध्याय 6 – रात 3:06 पर वह कहाँ गई थी?
- अध्याय 7 – वीडियो में मैं उसे मम्मा क्यों कह रहा हूँ?
- अध्याय 8 – मीरा इस कमरे में नहीं मरी थी
- अध्याय 9 – वह मेरी माँ थी
- अध्याय 10 – उसने घर के बाद भी जिंदगी जी थी
- अध्याय 11 – मैं तुम्हें छोड़कर नहीं गई थी
- अध्याय 12 – कमरा अब खाली नहीं था
