इंदौर शहर…
जहाँ…
पिछले छह महीनों में…
अचानक…
एक जैसी…
रहस्यमय मौतों की संख्या…
बढ़ने लगी।
सभी मृतकों में…
एक बात समान थी—
मृत्यु से…
एक दिन पहले…
वे…
एक अनजान डॉक्टर से…
मिलकर आए थे।
न क्लिनिक का लाइसेंस…
न मेडिकल रजिस्ट्रेशन…
न कोई डिजिटल रिकॉर्ड।
जब…
एक प्रभावशाली उद्योगपति भी…
उसी दवा के बाद…
मृत पाया जाता है…
तो…
मामले की जांच…
एसीपी अथर्व चौहान को सौंपी जाती है।
उनके साथ…
फॉरेंसिक पैथोलॉजिस्ट…
डॉ. ईरा सक्सेना…
और…
क्लिनिकल फार्माकोलॉजिस्ट…
डॉ. अन्वी मेहता…
उस डॉक्टर की तलाश शुरू करते हैं…
जो…
हर मौत से पहले…
सिर्फ़…
एक बार…
दिखाई देता है।
