सवाल अभी ज़िंदा है…
पंद्रह साल पहले…एक चर्चित हत्या का मामला…पूरे देश की सुर्खियाँ बना था।अपराधी गिरफ्तार हुआ…अदालत ने फैसला सुनाया…और केस हमेशा के […]
पंद्रह साल पहले…एक चर्चित हत्या का मामला…पूरे देश की सुर्खियाँ बना था।अपराधी गिरफ्तार हुआ…अदालत ने फैसला सुनाया…और केस हमेशा के […]
शहर के पुराने हिस्से में…करीब सौ साल पुराना…एक डाकघर था…जो बीस साल पहले हमेशा के लिए बंद कर दिया गया
देश की सबसे प्रतिष्ठित अदालत…कोर्ट नंबर 1।यहीं…इतिहास बदलने वाले फैसले सुनाए जाते थे।लेकिन…इस बार…फैसला सिर्फ़ एक मुकदमे का नहीं था…बल्कि
दादाजी के निधन के बाद शर्मा परिवार को शहर के बाहरी हिस्से में बना करीब सौ साल पुराना एक विशाल
शहर से कुछ किलोमीटर दूर…घने जंगलों के बीच…एक पुरानी सड़क थी।दिन में…वह बिल्कुल सामान्य दिखाई देती थी।लेकिन…रात के बाद…उसका नाम
गाँव के बाहर…एक पहाड़ी पर बना था…करीब चार सौ साल पुराना मंदिर।दिन में…वहाँ श्रद्धालुओं की भीड़ रहती थी।लेकिन…सूरज ढलते ही…
शादी को अभी सिर्फ़ तीन दिन हुए थे…पूरा परिवार नई बहू अनन्या के आने की खुशियों में डूबा था।लेकिन पहली
आज अपराधी बंदूक लेकर नहीं आते…वे सिर्फ़ एक लिंक भेजते हैं।एक फोन कॉल…एक OTP…एक नकली वेबसाइट…एक फर्जी नौकरी…एक झूठा प्यार…और
शहर से लगभग दस किलोमीटर दूर…घने जंगलों के बीच…एक टूटा हुआ पुल था…जिसे लोग वर्षों से “पुराना पुल” कहते थे।दिन
शहर के बाहर…बरसों पुराना शिवनगर रेलवे स्टेशन…दिन में बिल्कुल सामान्य दिखाई देता था। लेकिन…रात के ठीक 2:17 बजे…कुछ ऐसा होता