Family

अधूरी चिट्ठी

अधूरी चिट्ठी

पुरानी हवेली…जिसे वर्षों बाद…बेचा जा रहा था।सफाई के दौरान…एक लकड़ी की अलमारी के पीछे…एक पीला पड़ा लिफाफा मिला।उस पर लिखा […]

खामोशी की साज़िश

खामोशी की साज़िश

दस साल पहले…एक छोटे शहर में…एक ही रात में…चार लोगों की रहस्यमयी मौत हो गई।पुलिस ने…इसे हादसा मानकर…फाइल बंद कर

अधूरा इश्क़

अधूरा इश्क़

कॉलेज की लाइब्रेरी…जहाँ…एक किताब…दो हाथों ने…एक साथ उठाई। एक हाथ…अर्णव राजदान का।दूसरा…ईशिता सैनी का। एक छोटी-सी मुलाकात…धीरे-धीरे…दोस्ती में बदली।दोस्ती…मोहब्बत में।और…मोहब्बत…ज़िंदगी

अनसुना सच

अनसुना सच

बारह साल पहले…एक प्रतिष्ठित परिवार…एक ही रात में बिखर गया। एक हत्या…एक कथित आत्महत्या…और अदालत का अंतिम फैसला।फाइल बंद हो

खोई हुई पहचान

खोई हुई पहचान

अन्वी राठौर…एक सफल आर्किटेक्ट…जिसकी ज़िंदगी बिल्कुल सामान्य थी।एक प्यार करने वाला परिवार…अच्छा करियर…और जल्द होने वाली शादी। लेकिन…एक सड़क दुर्घटना

बस स्टॉप वाली मोहब्बत

बस स्टॉप वाली मोहब्बत

हर सुबह…ठीक आठ बजे…शहर के एक पुराने बस स्टॉप पर…दो अजनबी…बिना कुछ कहे…एक-दूसरे को देखते थे।ना कोई परिचय…ना कोई बातचीत…सिर्फ़

भरोसे की कीमत

भरोसे की कीमत

वीर प्रताप राठौर…एक ऐसा इंसान…जो रिश्तों को पैसे से ऊपर मानता था।उसका विश्वास था…कि सच्चे लोग कभी धोखा नहीं देते।लेकिन…एक

मना किया हुआ प्यार

मना किया हुआ प्यार

शहर के दो सबसे प्रतिष्ठित परिवार…चौहान और सिसोदिया…पिछले पच्चीस वर्षों से…एक-दूसरे का चेहरा तक देखना पसंद नहीं करते थे। किसी

आख़िरी साँस तक

आख़िरी साँस तक

साठ साल की शादी…हजारों सुबहें…लाखों बातें…और अनगिनत यादें… दादाजी हरिनारायण जोशी और दादी सावित्री जोशी की शादी को पूरे 60

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