मौत की घंटी
देवगढ़ के पुराने पुश्तैनी घर में एक बंद कमरा है, जिसकी दीवार पर सौ साल पुरानी पीतल की घंटी लगी […]
देवगढ़ के पुराने पुश्तैनी घर में एक बंद कमरा है, जिसकी दीवार पर सौ साल पुरानी पीतल की घंटी लगी […]
अपनी माँ माया की मृत्यु के बाद 34 वर्षीय conservation architect नील वर्मा पत्नी अदिति के साथ लगभग पच्चीस साल
अपनी दादी सावित्री की मृत्यु के बाद 36 वर्षीय forensic pathologist डॉ. आदित्य राणा पत्नी नंदिनी और सात वर्षीय बेटी
पिता की मृत्यु के बाद photo-restoration artist नीरज को एक पुरानी family photograph मिलती है, जिसमें अचानक एक अनजान बच्ची
अपनी माँ देवयानी राठौड़ की मृत्यु के बाद 36 वर्षीय architectural photographer आर्यन राठौड़ 27 साल से बंद अपनी पुश्तैनी
अपनी माँ शालिनी की मृत्यु के बाद 35 वर्षीय documentary photographer अभय कपूर पत्नी रिया के साथ लगभग छब्बीस साल
अपनी माँ सुमित्रा की मृत्यु के बाद 34 वर्षीय electrical safety investigator कबीर मल्होत्रा पत्नी रिद्धि के साथ 24 साल
अपनी माँ नसीमा की मृत्यु के बाद 32 वर्षीय investigative audio-journalist आदिल खान उसकी अंतिम इच्छा पूरी करने शहर के
अपनी दादी जानकी की मृत्यु के बाद 35 वर्षीय sound-documentary filmmaker अर्णव त्रिपाठी लगभग पच्चीस साल बाद पत्नी सिया के
अपनी दादी सरोज की मृत्यु के बाद 35 वर्षीय restoration photographer आरव मेहरा पत्नी नंदिनी के साथ लगभग अट्ठाईस साल