जिस तस्वीर में कोई था ही नहीं

जिस तस्वीर में कोई था ही नहीं
Text size
👁 4,254 views
पिता की मृत्यु के बाद photo-restoration artist नीरज को एक पुरानी family photograph मिलती है, जिसमें अचानक एक अनजान बच्ची दिखाई देने लगती है। अजीब बात यह है कि तस्वीर वर्षों से घर में लगी थी और उसमें हमेशा केवल नीरज और उसके माता-पिता थे। जैसे-जैसे लड़की का चेहरा हर दिन साफ होता जाता है, परिवार के पुराने albums, negatives और memories भी बदलने लगते हैं। फिर नीरज की माँ उसे “तुम्हारी बहन अन्वी” कह देती है—जबकि नीरज की कभी कोई बहन थी ही नहीं। अब उसे पता लगाना है कि photograph में दिखाई दे रही लड़की कौन है, उसके पिता ने तस्वीर जलाने की चेतावनी क्यों छोड़ी, और क्या परिवार ने किसी इंसान को सिर्फ records से नहीं, अपनी यादों से भी मिटा दिया था।

All Chapters

Leave a Reply

Scroll to Top