कर्म का शिकंजा
मुंबई के सबसे प्रभावशाली उद्योगपति विक्रम सिंघानिया के पास दौलत, सत्ता और सम्मान—सब कुछ था।लेकिन एक सुबह उसकी मेज़ पर […]
मुंबई के सबसे प्रभावशाली उद्योगपति विक्रम सिंघानिया के पास दौलत, सत्ता और सम्मान—सब कुछ था।लेकिन एक सुबह उसकी मेज़ पर […]
उदयगढ़ की पहाड़ियों के बीच स्थित व्यास हवेली वर्षों से शहर की सबसे प्रतिष्ठित हवेली मानी जाती थी।हवेली के मुखिया
लखनऊ के शांत और पुराने इलाके में स्थित कश्यप सदन बाहर से एक आदर्श परिवार का घर दिखाई देता था।उस
जयपुर के शांत इलाके में रहने वाला विवान सक्सेना पिछले दो हफ्तों से एक अजीब डर में जी रहा था।हर
साल 1999…शहर के सबसे प्रतिष्ठित परिवार “प्रताप निवास” में एक ऐसी रात आई…जिसने पूरे शहर को हिला दिया।परिवार के बड़े
दादाजी की वसीयत…पढ़ी जा रही थी।पूरा परिवार…एक ही कमरे में बैठा था।तभी…वकील ने…पुरानी फ़ाइल से…एक पीला पड़ा हुआ…शादी का प्रमाणपत्र
जयपुर के ऐतिहासिक “राजमहल पैलेस” में…देश की सबसे चर्चित शादियों में से एक होने वाली थी।उद्योगपति आर्यवर्धन चौधरी की बेटी…अनन्या…और
अरावली की पहाड़ियों के बीच बसे सूर्यगढ़ गाँव में एक ऐसा कुआँ था जिसके पास सूर्यास्त के बाद कोई नहीं
दादा जी की…तेरहवीं भी पूरी नहीं हुई थी…कि घर के बाहर…एक काली कार आकर रुकी।उसमें से…सफेद बालों वाला…एक बुज़ुर्ग वकील
रात के…दो बजकर सत्रह मिनट हुए थे।राजधानी के सबसे सुरक्षित सरकारी आवास के बाहर…अचानक दर्जनों काली गाड़ियाँ आकर रुकीं।हथियारबंद सुरक्षाकर्मियों