Mystery

गुप्त कारोबार

गुप्त कारोबार

पिता की मृत्यु को…सिर्फ़ दस दिन हुए थे।परिवार अभी…उनके जाने के दुख से…उबर भी नहीं पाया था।तभी…बैंक से फोन आया।उनके […]

खून से लिखा सच

खून से लिखा सच

शहर की सबसे शांत कॉलोनी…एक सुबह…चीखों से गूंज उठी।व्यापारी राघव अरोड़ा अपने कमरे में मृत मिला।कमरे का दरवाज़ा अंदर से

मोहब्बत की आख़िरी बाज़ी

मोहब्बत की आख़िरी बाज़ी

पाँच साल पहले…अर्णव राजदेव ने…काव्या त्रिवेदी से कहा था—“अगर मैं लौटकर आया… तो हमारी कहानी पूरी होगी।”लेकिन…उसी रात…वह गायब हो

शादी का कार्ड... मौत का न्योता

शादी का कार्ड… मौत का न्योता

शहर के सबसे प्रतिष्ठित उद्योगपति…राजवीर मल्होत्रा की बेटी…आन्या की शादी पूरे शहर की सबसे चर्चित शादी बनने वाली थी।हज़ारों निमंत्रण-पत्र

माँ की आख़िरी तस्वीर

माँ की आख़िरी तस्वीर

माँ के गुज़रे…बारह साल हो चुके थे।घर की दीवार पर…उनकी मुस्कुराती हुई…एक बड़ी तस्वीर टंगी थी। हर त्योहार…हर खुशी…हर दुख…उसी

गुप्त वारिस

गुप्त वारिस

सिंघानिया परिवार…देश के सबसे पुराने…और सबसे अमीर कारोबारी परिवारों में से एक था।अरबों की संपत्ति…कई फैक्ट्रियाँ…हज़ारों एकड़ ज़मीन…और…सदियों पुरानी हवेली।

पुराना सपना

पुराना सपना

बचपन से…हर रात…विवान चौधरी…एक ही सपना देखता था। एक पुराना रेलवे स्टेशन…बारिश…लाल छाता लिए…एक छोटी बच्ची…और…दूर खड़ा…एक सफेद कोट पहने

ब्लैक डायरी का रहस्य

ब्लैक डायरी का रहस्य

बरसों पुरानी…धूल से ढकी…एक काली डायरी…पुरानी हवेली के तहखाने से मिली।उसके पहले पन्ने पर…सिर्फ़ एक पंक्ति लिखी थी—“अगर तुम यह

मुस्कुराते चेहरे का अनकहा दर्द

मुस्कुराते चेहरे का अनकहा दर्द

हर सुबह…आर्यव…सबसे पहले मुस्कुराता था। ऑफिस में…दोस्तों के बीच…परिवार के सामने…हर जगह…उसके चेहरे पर…बस मुस्कान रहती थी।लोग कहते थे…“यार… इससे

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